न्यूजीलैंड A के खिलाफ पहले अनौपचारिक टेस्ट मैच में भारत A ने तीसरे दिन शानदार वापसी करते हुए मुकाबले का रुख बदल दिया। इस वापसी के सबसे बड़े हीरो देवदत्त पडिक्कल रहे, जिन्होंने 199 रन की बेहतरीन पारी खेली। वह दोहरे शतक से सिर्फ एक रन दूर रह गए, लेकिन उनकी बल्लेबाजी ने भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
लिंकन में खेले जा रहे इस मुकाबले में भारत A ने पहली पारी में 113 रन बनाए थे, जिसके जवाब में न्यूजीलैंड A ने 317 रन बनाकर 204 रन की बढ़त हासिल की थी।
इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन किया और तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक टीम ने 8 विकेट पर 488 रन बना लिए। अब भारत A के पास कुल 284 रन की बढ़त है और मैच के आखिरी दिन जीत हासिल करने का अच्छा मौका मौजूद है।
पडिक्कल का शतक
तीसरे दिन जब खेल शुरू हुआ, तब देवदत्त पडिक्कल 56 रन पर और साई सुदर्शन 39 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे। दोनों ने संभलकर शुरुआत की और जल्द ही न्यूजीलैंड A के गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। तेज हवा चलने के बावजूद दोनों बल्लेबाजों ने रन बनाने के मौके नहीं गंवाए और भारतीय पारी को मजबूती दी।
सुदर्शन ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की, जबकि पडिक्कल ने तेजी से रन बटोरे। पडिक्कल ने जेयडन लेनॉक्स की गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। यह उनके प्रथम श्रेणी क्रिकेट करियर का 12वां शतक था। उनकी बल्लेबाजी में आत्मविश्वास साफ नजर आया और उन्होंने न्यूजीलैंड A के गेंदबाजों को लगातार दबाव में रखा।
दोनों बल्लेबाजों के बीच बड़ी साझेदारी हुई और भारत A ने पहली पारी में पिछड़ने के बाद बढ़त हासिल कर ली। उनकी साझेदारी 200 रन के पार पहुंच गई, जिससे भारतीय टीम मुकाबले में मजबूत स्थिति में आ गई।
सुदर्शन की पारी
साई सुदर्शन ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपना अर्धशतक पूरा किया। वह 91 रन बनाकर आउट हुए और शतक से सिर्फ नौ रन दूर रह गए। न्यूजीलैंड A के गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंदों का इस्तेमाल करके भारतीय बल्लेबाजों को परेशान करने की कोशिश की। इसी रणनीति के चलते सुदर्शन गेंद को हवा में खेल बैठे और स्क्वायर के पीछे तैनात फील्डर ने उनका कैच पकड़ लिया।
लंच के बाद भारत A के कप्तान ध्रुव जुरेल भी ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। वह सिर्फ 2 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, इन विकेटों का पडिक्कल की बल्लेबाजी पर कोई खास असर नहीं पड़ा। उन्होंने धैर्य बनाए रखा और यश राठौड़ के साथ मिलकर टीम की पारी को आगे बढ़ाया।
राठौड़ की आक्रामक बल्लेबाजी
यश राठौड़ ने क्रीज पर आते ही सकारात्मक अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की। भारत A ने लेनॉक्स के खिलाफ तेजी से रन बनाने की रणनीति अपनाई, क्योंकि दूसरी नई गेंद आने का समय नजदीक था। दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाजों ने एक-दो रन लेकर स्ट्राइक बदली और मौका मिलने पर गेंद को बाउंड्री के पार पहुंचाया।
एक ओवर में 15 रन बनने से भारत A को फिर से बढ़त बनाने में मदद मिली। इसी दौरान पडिक्कल ने 150 रन का आंकड़ा भी पार कर लिया। दूसरी ओर, राठौड़ ने क्रिस्टियन क्लार्क की गेंदों पर दो चौके और एक छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने केवल 54 गेंदों में पचास रन पूरे किए और न्यूजीलैंड A की गेंदबाजी पर दबाव बढ़ा दिया।
199 रन पर विवादित आउट
पडिक्कल की शानदार पारी का अंत बेहद निराशाजनक अंदाज में हुआ। वह 199 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे और दोहरे शतक से सिर्फ एक रन दूर थे, तभी उन्हें विकेट के पीछे कैच आउट दे दिया गया। इस फैसले को लेकर विवाद भी हुआ, क्योंकि पडिक्कल ने गेंद और बल्ले के बीच अंतर होने का इशारा करते हुए अंपायर के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की।
उनकी पारी में बड़े शॉट्स के साथ शानदार संयम भी देखने को मिला। वह भारत A को मुश्किल स्थिति से निकालकर मजबूत बढ़त दिलाने में सफल रहे। हालांकि, दोहरे शतक से चूकना उनके लिए निराशाजनक रहा होगा, लेकिन 199 रन की यह पारी मैच की सबसे अहम पारियों में से एक बन गई।
निचले क्रम का योगदान
चाय के बाद यश राठौड़ भी पहले ही ओवर में आउट हो गए। उन्होंने 66 रन बनाए और भारतीय टीम की बढ़त मजबूत करने में अहम योगदान दिया। इसके बाद न्यूजीलैंड A को लगा होगा कि वह जल्दी ही भारत A की पारी समेट देगा, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।
अंशुल कंबोज ने शुरुआत में धीमी बल्लेबाजी की, लेकिन बाद में चार चौके लगाए। उनकी पारी 22 रन पर समाप्त हुई। इसके बाद वॉशिंगटन सुंदर ने जिम्मेदारी संभाली और औकीब नबी के साथ मिलकर 69 रन की साझेदारी की। नबी ने 38 रन बनाए, जिसमें तीन चौके और दो छक्के शामिल रहे।
सुंदर नाबाद
दिन का खेल खत्म होने तक वॉशिंगटन सुंदर 51 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने समझदारी से बल्लेबाजी करते हुए भारत A की बढ़त को 284 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड A के गेंदबाजों को लगातार विकेट लेने के बावजूद भारतीय पारी पर पूरी तरह नियंत्रण बनाने में परेशानी हुई।
कम होती रोशनी के कारण निर्धारित अतिरिक्त समय के नौ मिनट बाद खेल रोकना पड़ा। उस समय भारत A का स्कोर 8 विकेट पर 488 रन था। अब टीम मैनेजमेंट के सामने यह फैसला होगा कि पारी घोषित करके न्यूजीलैंड A को बल्लेबाजी के लिए उतारा जाए या पहले कुछ और रन जोड़कर बढ़त को और मजबूत किया जाए।
आखिरी दिन की चुनौती
भारत A के पास अब 284 रन की बढ़त है और मैच के अंतिम दिन जीत हासिल करने का मौका है। अगर टीम रात में पारी घोषित करती है, तो उसके गेंदबाजों को न्यूजीलैंड A के सभी विकेट लेने के लिए पर्याप्त समय मिल सकता है। हालांकि, पिच की स्थिति और उपलब्ध समय को देखते हुए कप्तान और टीम मैनेजमेंट का फैसला काफी अहम होगा।
न्यूजीलैंड A के सामने अब बड़ी चुनौती होगी। उसे न केवल भारतीय बढ़त को पार करना है, बल्कि मैच में वापसी करने के लिए लंबी बल्लेबाजी भी करनी होगी। तीसरे दिन के प्रदर्शन के बाद भारत A का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।
मैच का स्कोर
भारत A ने पहली पारी में 113 रन बनाए थे और दूसरी पारी में 8 विकेट पर 488 रन बना लिए हैं। देवदत्त पडिक्कल ने 199 रन, साई सुदर्शन ने 91 रन, यश राठौड़ ने 66 रन और वॉशिंगटन सुंदर ने नाबाद 51 रन बनाए। न्यूजीलैंड A की ओर से जैक गिब्सन ने 58 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। न्यूजीलैंड A की पहली पारी 317 रन पर समाप्त हुई थी, जिसके आधार पर भारत A को अब 284 रन की बढ़त हासिल है।










